यह अद्भुत रीति-रिवाज मधुर मतका नाम से जानी जाती है, जो प्रदेश के बांदवगार में व्याप्त है. इस विशिष्ट प्रस्तुति विशेष रूप से स्त्रियां प्रस्तुत करती हैं और इस नृत्य में वनस्पति और देहाती जीवन की झलक होती है . यह नृत्य पारंपरिक धरोहर का अभिन्न हिस्सा है. मधुर बाजार: त्योहारों की उमंग